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भगवान विष्णु का वैकुंठ धाम कहा है ?

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भगवान विष्णु का वैकुंठ धाम कहा है ? Vikunth lok कभी न कभी आप सभी के मन में वैकुंठ धाम के बारे में विचार आया ही होगा और यह प्रश्न भी जरूर आया होगा कि आखिर वैकुंठ धाम हमारे अंतरिक्ष में कौन सी जगह पर स्थित है ? और साथ ही ब्रह्मा जी का सत्यलोक, इन्द्रदेव का इन्द्रलोक किस स्थान पर है ? आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार इन सभी देव स्थानों के बारे में विस्तार में बताएंगे। Advertise : show me ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई थीं ? प्राचीन ग्रंथों के अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति ब्रह्म देव के जन्म के साथ होती है और जब ब्रह्म देव की आयु की समाप्ति होती है तों इस ब्रह्मांड का विनाश होता है और हर तरफ केवल अंधकार ही बच जाता है लेकिनन इतने बड़े इस ब्रंह्माड में ब्रह्म देव आखिर किस स्थान पर है ? भगवान विष्णु जी का वैकुंठ किस स्थान पर स्थित है ? ब्रह्माजी और विष्णु भगवान किस स्थान पर रहते हैं ? ब्रह्माजी जिस स्थान पर रहते है उसे सत्यलोक कहते हैं, और भगवान विष्णु जिस स्थान पर रहते है उसे वैकुंठ कहा जाता है। विष्णु पुराण में इन सभी स्थानों का वर्णन मिलता है। विष्णु पुराण के अनुसार...

क्या है ? इन शिव मंदिरों का रहस्य।

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क्या है ? इन शिव मंदिरों का रहस्य। A shiva Temple Create Straight line on India's map भारत के कुछ सबसे प्रसिद्ध मंदिर हजारों साल पुराने है, इनमें से कुछ मंदिर इतने अद्वितीय हैं कि बिना मोडर्न टूल्स के मदद के, हजारों साल पहले कैसे बनाया होगा यह आश्चर्यजनक बात है। Advertise : show me केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम तक। केदारनाथ से रामेश्वरम तक 7 ऐसे  शिव मंदिर है जो कि जियोग्राफी के लिए एक ही सीधी रेखा में है। मतलब, अगर आप मेप में देखें तो यह मंदिर एक ही लाइन में होंगे। इन सभी मंदिरों के  शिवलिंग  इन पांच तत्वों से बनें है। इनमें से 5 ऐसे शिव मंदिर है, जहां शिवलिंग प्रकृति के पांच तत्वों को दर्शाता है। जैसे कि वोटर, एयर, फायर, अर्थ और स्पेस, यानी कि जल, वायु, अग्नि, धरती और आकाश। इन पांच शिव मंदिरों को “पंचभूतस्तलम” कहते हैं थिरूवनैकवल में द टेम्पल ओफ वोटर, थिरुवन्नमलइ में द टेम्पल ओफ फायर, कलहस्ति मैं द टेम्पल ओफ एयर, कांचीपुरम में द टेम्पल ओफ अर्थ और चिदंबरम में टेम्पल ओफ स्पेस। एकंबरेश्वर  मंदिर, कांचीपुरम (तमिलनाडु) एकंबेश्वर मंदिर (...

महादेव किसका ध्यान करते हैं ?

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महादेव किसका ध्यान करते हैं ? ॐ नमः शिवाय हिंदू धर्म के जो देवी-देवता हैं, उसमें सर्व श्रेष्ठ स्थान, सबसे ऊंचा स्थान हैं देवाधिदेव महादेव भगवान शिव का। उनकी महिमा को तो सबने स्वीकार किया, फिर चाहे वो ब्रह्म देव हो, श्री हरि विष्णु हों या अन्य देवी-देवता हो। शिव की महिमा के सामने सभी नतमस्तक हुए, पर कभी आपने सोचा है, जो सभी देवी-देवताओं के भी आराध्य हैं, देवों के देव है वह स्वयं किस की अराधना करते हैं, वह स्वयं किस का ध्यान लगाते हैं? भोलेनाथ कैलाश में शिव समाधि स्थल पर बैठ कर, चोबीसो घंटे ध्यान समाधि में लीन भगवान शिव के मन में किस का ध्यान रहता है? किस ध्यान से ऊर्जा की शक्ति प्राप्त करते हैं भोलेनाथ ? Advertise : show me यह प्रश्न केवल आपके और हमारे मन में नहीं है हर हर महादेव। यह प्रश्न केवल आपके और हमारे मन में नहीं है, माता गौरी के मन में भी यही प्रश्न है, कि शिव किस का ध्यान लगाते हैं ? जिसे सारा विश्व पुजता है। हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय कह कर सारा विश्व उनको नमस्कार करता है, प्रणाम करता है, चिंतन करता है, ध्यान करता है, वह शिव स्वयं किस का ध्यान करते...

मंत्रो की शक्ति को प्रमाणित करने वाली घटना।

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मंत्रो की शक्ति को प्रमाणित करने वाली घटना। "ॐ" मंत्र के प्रभाव को प्रमाणित कैसे करें ? या कैसे सिद्ध करें के मंत्र का प्रभाव पड़ता है? इस के लिए हम कुछ उदाहरण प्रत्यक्ष जानने का प्रयास करेंगे। महर्षि पतंजलि ने अपने 2300 साल पूराने ग्रंथ में, एक बहुत ही सुंदर बात कही है, एक सूत्र में, एक फोरम्यूले में की, मन की किस अवस्था में आप इस प्रत्यक्ष ज्ञान को रखोगे। प्रत्यक्ष ज्ञान जिसका आप के पास में प्रमाण है। तो उन्होंने प्रमाण के स्वरूप में ग्रंथों को प्रमाणिक माना है। जो ग्रंथ हजारों सालों से सर्क्युलेशन में है, वह अपने आप में ही प्रमाणिक है। वह कल्पना नहीं है, लेकिन आधुनिक युग में, क्यूंकि यह ग्रंथ हमारे स्कूल और कॉलेज में नहीं पढ़ाए जाते। इसी लिए हमें उन पर कई बार शंका होने लगती है, लेकिन शंकाओं का कोई स्थान नहीं हैं, क्यूंकि वो अपने आप में सिद्ध ग्रंथ है, नहीं तो कोई भी ग्रंथ, कोई भी किताब, कोई भी बेस्ट सेलर एक या दो साल के बाद सरक्युलेशन से बाहर होने लगते हैं। जब की यह ग्रंथ हजारों सालों से सर्क्युलेशन में है। इसका गहरा अर्थ यह है, कि कहीं न कहीं यह बड़े सत्य ग्रंथ...

हनुमान चालीसा में लिखा है, पृथ्वी और सूरज काम अंतर

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हनुमान चालीसा में लिखा है पृथ्वी और सूर्य का अंतर Bal hanuman क्या आप जानते हैं भारत ने हजारों वर्ष पहले ही पृथ्वी से सूर्य की दूरी बतादी थी। अगर नहीं जानते तो मैं यह बतादु की आप एक ऐसी संस्कृति से आते हैं जिसका अध्ययन पूरा विश्व कर रहा है। यहां तक कि नासा(NASA) भी उसको मानने पर मजबूर हो गया है। आज बात करेंगे हनुमानजी के एक चमत्कार के बारे में जिसने अमेरिका तक को हिला के रख दिया, जैसे – जैसे विज्ञान तरक्की करता जा रहा है, हिंदू धर्म ग्रंथों में लिखी कइ बातें सही साबित होती जा रही है। यह प्रमाणित करता है कि भारतीय संस्कृति दुनिया को हजारों सालों पहले ही ब्रह्मांड के बारे में जानकारी दें चूंकि थी। राम मंदिर निर्माण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष। Advertise : show me Image of hanumana & Shiva आज हम आपको हनुमानजी के एक ऐसे चमत्कार के बारे में बताने जा रहे है, जिसके बारे में जानकर आपको भी यकीन हो जाएगा की ईश्वर के चमत्कार के आगे मनुष्य का कोई मोल नहीं है। तो आईए जानते हैं, आखिर हनुमानजी ने ऐसा कोनसा चमत्कार किया था? जिसने नासा (NASA) के वैज्ञानिकों को भी फेल कर दिया...

स्वयं महादेव ने बचाई थी अंग्रेज अफसर की जान।

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स्वयं महादेव ने बचाई थी अंग्रेज अफसर की जान। बैजनाथ मंदिर, मध्य प्रदेश आज हम आपको एक ऐसी घटना से रुबरु कराएंगे जिससे देवों के देव महादेव के प्रति आपका विश्वास और अटूट हो जाएगा। 1879 में स्वयम महादेव ने बचाई थी अंग्रेज अफसर की जान, और उस अफसर ने करवाया था महादेव के मंदिर का नवीनीकरण। महादेवजी जैसा दयालु इस पूरे ब्रह्मांड में कोई नहीं है। आज एक एसी सत्य घटना बताने जा रहे हैं, जो अंग्रेज शासन के समय की है। इस कहानी को एक अंग्रेज अफसर ने अपनी किताब में लिखा है। पूरी कहानी जानने के बाद आपको यकीन हो जाएगा की भक्ति में बहुत शक्ति है। और सच्चे मन से महादेव को याद किया जाएं तो महादेव जरुर आते हैं। सन् 1879 में भारत पर अंग्रेजों की हुकूमत थी, बहुत से अंग्रेज अपने पूरे परिवार  सहित भारत में ही रहते थे। ऐसा ही एक परिवार था लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन का, यह एक सादी-सुदा नया जोड़ा था। कर्नल मार्टिन और उनकी पत्नी मध्य प्रदेश के आगर में रहते थे। आगर में महादेव का कइ सालों पुराना बैजनाथ मंदिर था, उस मंदिर में कर्नल मार्टिन की पत्नी कभी गई नहीं थी। लेकिन मंदिर के बाहर से निकलते वक्त ...