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कर्म क्या है ?

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कर्म क्या है ? Image of Buddha(from internet) एक बार गौतम बुद्ध से उनके एक शिष्य ने पूछा कि गुरु जी कृपया कर हमें बताइए कि “कर्म क्या है ?” तब उस प्रश्न के उत्तर में गौतम बुद्ध ने कहा कि कर्म को समझने के लिए में तुम्हें एक कहानी सुनाता हूं। इस कहानी से तुम समझ जाओगे की कर्म क्या है ? आज हम उसी कहानी के बारे में बताएंगे जो कि गौतम बुद्ध ने अपने शिष्यों को सुनाई थी। Advertise : show me गौतमबुद्ध अपने शिष्यों को कहानी सुनाते हैं। Buddha and Shishya(from internet) गौबुद्ध अपने शिष्यों को कहानी सुनाते हैं की बुलंद शहर का एक राजा था और वो घोड़े पर बैठकर एक दिन अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था। चारों तरफ भ्रमण करने के बाद वह एक दुकान के सामने आकर रुक गया, रुकने के बाद राजा ने अपने मंत्रि से कहा कि मंत्रीजी मालूम नहीं पर मुझे लगता है की इस दुकानदार को कल के कल फांसी की सज़ा सुना दूं, इसे मृत्यु दंड देने की मुझे इच्छा हो रही है। मंत्री राजा से इसका कारण पूछ पाते इस से पहले तो राजा उनके आगे निकल गए। मंत्रीजी इसका कारण पता करने के लिए अगली सुबह भेष बदलकर आम जनता का रुप ल...

भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री।

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कल्पना चावला, भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री। (Kalpana Chawla, India's first astronaut) First astronaut of India "Kalpna Chawla" आज हम बात करेंगे, अंतरीक्ष की परी कहें जाने वाली भारत(India) की एक बहादुर बेटी की, जिसका नाम है कल्पना चावला। कल्पना चावला का जन्म भारत(India) में हरियाणा(Hariyana) के करनाल में हुआ था। कल्पना चावला अंतरीक्ष में जाने वाली पहली भारतीय थीं। उनके पिता का नाम बनारसी लाल ओर माता का नाम संज्योति है। बचपन में सब लोग उन्हें प्यार से मोंटू कह कर बुलाते थे। वह उनके नाम के अनुरूप ही बहुत बड़ी कल्पना भरी सोच रखतीं थी। अपने पिता से विमान और चांद – तारों की बातें किया करती थी। Advertise : show me भारत(India) से अमेरिका(America) तक का सफर। Kalpana Chawla कल्पना की प्रारंभिक शिक्षा करनाल की टैगोर विद्यालय में हूई, फिर कल्पना ने 1982 में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से एरौनोटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। उसके बाद वो अपने सपनों को पूरा करने अमेरिका चली गई। जहां उन्होंने कोलोराडो विश्वविद्यालय से पीएचडी(PHD) की उपाधि प्राप्त की। कल्पना चावला को साल 19...

चूंदड़ी वाले माताजी का 91 साल की उम्र में हुआ निधन

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चूंदड़ी वाले माताजी 91 साल की उम्र में ब्रह्म लिन्न हूए। Image of chundadi vale mataji पिछले 80 साल से अन्न – जल बिना जीतें चूंदड़ी वाले माताजी, 91 साल की उम्र में ब्रह्मलिन्न हुए। चूंदड़ी वाले माताजी का नाम प्रहलाद जानी है। इन्होंने अपने गांव चारबाग में अंतिम सांस लिए। 28 मई, 2020 को अंबाजी में चूंदड़ी वाले माताजी को समाधि दी जाएगी। Advertise : show me चूं दड़ी वाले माताजी ने पिछले 80 सालों से अन्न और जल नहीं लिया। चूंदड़ी वाले माताजी (प्रहलाद जानी) अब आपको बताते है कि कौन थे चूंदड़ी वाले माताजी ? गुजरात के चारडा में 13 अगस्त, 1929 को पैदा हुए प्रहलाद जानी, तब मात्र 10 साल के थे, जब चमत्कारिक घटनाक्रम के चलते उनकी भूख – प्यास चलीं गईं, और ना ही मल-मूत्र विसर्जन की आवश्यकता पड़ी। यह सिलसिला पूरे 80 वर्ष से क़ायम रहा। और 26 मई, 2020 के दिन उनका निधन हुआ।वह न केवल भूख-प्यास से उपर उठें, बल्कि उन्हें दिव्य दृष्टि भी प्राप्त हूई। दशक तक तिर्थायात्रा करते रहे, 3 साल तक उन्होंने कैलाश पर्वत पर तपस्या की और 25 साल तक वह मौन रहें। साधना की प्रोढ अवस्था में तपस्या के लिए...

कोहिनूर की कहानी

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कोहिनूर की कहानी भारत मे विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बड़ी मात्रा में लुटे गए आभुषण और वस्तु में एसी भी धरोहर थी जो आज ना सिर्फ बेशकीमती थी बल्कि उस कालखंड में भारत की समृद्धि और संपन्नता का वणॅन सर्वण अक्षरों में किया करतीं थीं।16वी सताब्दि में दक्षिण अफ्रीका और ब्राजिल में हीरे की खदानों का पता चलने से पहले दुनिया भर में भारत की गोलकोंडा खदान से निकले हीरो की धाक थी। लेकिन यहां से निकले ज्यादातर हीरे, या तो लापता हैं या फिर विदेशी संग्रहालयों की शोभा बढ़ा रही हैं। और इन्हीं हीरो में से एक कोहिनूर हीरा था। सभी प्रकार के हीरो में ये सबसे प्रसीद्ध, पूराना, और यह जगमगाता हीरा अत्यंत ही बेशकीमती था। Advertise : show me            हम आज आपको इस कोहिनूर हीरे की पूरी कहानी बताएंगे। की कहा से ये निकला? किन-किन राजा-महाराजाओं के पास ये गया? कितने समय तक उनके पास रहां ? किन्होने इसे लुटा ? तो फिर किन्होंने इसे महेंगे स्वरुप में किसीको भेंट दिया ? और कोनसे देश है जो आज भी इस हीरे को अपना होने का दावा करते हैं ? 3000 टन सोना। Image of kohinoor(...

सोनभद्र गुफा से जुड़े खजाने के रहस्य।

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सोनभद्र गुफा से जुड़े खजाने के रहस्य। Image of rajgir  बिहार का छोटा सा शहर राजगीर जो कि नालंदा जिले में स्थित हैं, कई मायनों में महत्त्वपूर्ण है। यह शहर प्राचीन समय से मगध की राजधानी था। यही पर भगवान बुद्ध ने मगध के सम्राट बिंबिसार को धर्मोंदेस दीया था। यह शहर बुद्ध से जुड़े स्मारकों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसी राजगीर में है सोनभंडार गुफा, जिसके बारे में केवदन्ति है, की इसमें  बेशकीमती खजाना छिपा है। जिसे की आज तक कोई नहीं खोज पाया है। Advertise : show me सम्राट बिंबिसार ने कहा छुपाया था वो खजाना ? यह खजाना मोर्य शासक बिंबिसार का बताया जाता है। हालांकि कुछ लोग इसे पूर्व मगध सम्राट जरासंध का भी बताते हैं। हालांकि इस बात के ज्यादा प्रमाण हैं की ये खजाना बिंबिसार का ही है। क्यूंकि इस गुफा केू पास उस जेल के अवशेष हैं, जहां पर बिंबिसार को उनके पुत्र अजातशत्रु  ने बंदी बना कर रखा था। बिंबिसार को धन और वैभव का बहोत शोख था और इनको वह संग्रह भी करते थे। ऐसा माना जाता है कि सम्राट बिंबिसार ने अपनी पत्नी से एक खास जगह उन सोने के खजानों को छिपा दिया। ...

रहस्यमय अगम कु़ँआ

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  रहस्यमय अगम कु़ँआ।            आज बात करते हैं अगम कुएं की, यह वही कुंआ है जिसमें भारत (India) के महान सम्राट अशोक का खजाना छिपा हुआ है। इस कुएं से जुड़े हुए कइ राज आज भी अनसुलझे हैं। Advertise : show me Shitla mata mandir image from india 1. इसी कुएं में सम्राट अशोक ने अपने भाईयों को मारकर डाल दिया था यह उस समय की बात है जब किसी ने सम्राट अशोक की मां की हत्या कर दी थीं, उसके बाद इस घटना से करोघ में आकर उन्होंने अपने सभी सोतेले भाई ओ की हत्या कर इसी कुएं में डाल दिया था । Samrat Ashoka's kuan well india 2. कुएं का पानी रंग(colour) बदलता है। यह कुंआ बिहार की राजधानी पटना में हैं और इस कुएं के पास सीतलामाता का मंदिर है, वहां के लोग मानते हैं कि इस मंदिर के दर्शन करने से कि रोगों से छुटकारा मिलता है। ओर वहां के लोगों का कहना है कि इस कुएं में हर साल नया पानी आता है और कइ बार यह पानी अपना रंग बदलता है। Image of Agam kuan in india   3. कुएं की बनावट इस कुएं की गोलाई 15 फ़ीट हैं, और इसकी गहराई 105 फ़ीट हैं । ज...

दुनिया का सबसे प्रसिद्ध और धनी राजा

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दुनिया का सबसे प्रसिद्ध और धनी राजा।                  यह बात उस समय की है जब भारत(India) पे सम्राट अशोक का राज था और वह राजा बिंदुसार के पुत्र थे। उस समय उनका राज्य अफगानिस्तान ,  मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूतान तक फैला हुआ था । इसी से पता चलता है कि उन के पास कितना पैसा और खजाना होगा और इस खजाने के बारे में सिर्फ सम्राट और उनके 9 खूफीया जासूस ही जानते थे । इस खजाने से जूडी सबसे रोचक बात ये है की उस खजाने में 70,000 हजार टन सोना है, इसी वजह से माना जाता है की सम्राट अशोक के पास दुनिया का सबसे बड़ा और मूल्यवान खजाना था, और मान्यता है कि यह खजाना उन्होंने एक कुएं के अंदर छीपाया था। कहते हैं कि इस कुएं की गहराई में और 9 छोटे-छोटे कुएं है और एक तहखाना भी है, जिसमें सम्राट अशोक का खजाना है। Advertise : show me   Chakrwarti shamrat Ashoka in India   स म्राट अशोक भारत(India) के महान शासक।              इस कुएं का नाम अगम कुआ हैं जिसका मतलब होता है ऐसा कुआ जिसकी गहराई नापन...